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इप्टा की ग्रीष्मकालीन नाट्य कार्यशाला का वर्चुअल शुभारंभ

बिना सामूहिकता के थिएटर असंभव -  राकेश

अध्ययन आडंबर को दूर करने का साधन - आरिफ शहडोली

कोंच (जालौन)। भारतीय जन नाट्य संघ इप्टा इकाई कोंच की निःशुल्क ग्रीष्मकालीन बाल एवं युवा रंगकर्मी नाट्य कार्यशाला का वर्चुअल शुभारंभ इप्टा के राष्ट्रीय महासचिव राकेश वेदा द्वारा किया गया। बतौर विशिष्ठ अतिथि इप्टा झांसी के कार्यकारी अध्यक्ष आरिफ शहडोली एवं इप्टा इलाहाबाद के अध्यक्ष अनिल रंजन भौमिक रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता इप्टा कोंच के संरक्षक अनिल कुमार वैद एडवोकेट ने की।

कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए इप्टा के राष्ट्रीय महासचिव राकेश वेदा ने कहा कि बिना सामूहिकता के थिएटर संभव नहीं है। थियेटर में कला की हर विधा शामिल है। रंगकर्मियों को कला के व्याकरण को सीखना चाहिए। उन्होंने कहाकि मानव जाति के इतिहास में दो तरह की धाराएं चलती हैं, एक धारा अवतार की अवधारणा में विश्वास करती है, दूसरी धारा मानव के श्रम, हुनर एवं वैज्ञानिक चेतना में विश्वास करती है। उन्होंने कहा कि जब श्रम और हुनर मिलते हैं तो कला का जन्म होता है। कला के हस्तक्षेप के द्वारा समाज में बदलाव लाया जा सकता है।

विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ संस्कृतिकर्मी आरिफ शहडोली ने कहा कि जनचेतना को क्रांतिकारी बनाना इप्टा का लक्ष्य है। अध्ययन के जरिए आडंबर को दूर किया जा सकता है। वहीं वरिष्ठ संस्कृतिकर्मी अनिल रंजन भौमिक ने रंगकर्मियों को हमेशा समाज हित में सक्रिय रहने हेतु एवं जीवन लक्ष्य निर्धारित करने पर जोर दिया। कार्यशाला का संचालन करते हुए इप्टा कोंच के संस्थापक अध्यक्ष एवं  प्रांतीय सचिव डॉ. मुहम्मद नईम ने कहाकि भारतीय जन नाट्य संघ एक सांस्कृतिक धारा है, जो साझा संघर्ष और साझी विरासत को प्रतिबिंबित करता है। अपने इस स्वरूप के कारण देश के तमाम प्रगतिशील व संघर्षशील लोगों के संघर्ष का प्रतिनिधित्व इप्टा करती है।

इप्टा कोंच के सरंक्षक अनिल कुमार वैद एडवोकेट ने कहा कि कोंच इप्टा का हमेशा से प्रयास रहता है कि समाज में व्याप्त कुरीतियों को उजागर करते हुए सामाजिक अव्यवस्थाओं के खिलाफ जनचेतना का प्रवाह किया जाए। इप्टा की कोविड के कारण हो रही इस वर्चुअल कार्यशाला में प्रतिदिन सिनेमा और रंगमंच के विशेषज्ञों से बेहतर से बेहतर सीखने को मिलेगा जिन्हें आप आत्मसात कर अपने आप को निखार सकते हैं। 

इस अवसर पर आदर्श कुमार, विशाल यागिक, भानु, अश्वित रतन, ज्योती किरन रतन, समर्थ बाजपेयी, अंजली वर्मा, अविका सुरभित, अक्षय सिंह, अनायिका, अंकित राय, अनूप कुमार, अनुराग कुशवाहा, साक्षी रायकवार, संजय कुशवाहा, ट्विंकल राठौर, पीयूष कुमार, कृष्णपाल सिंह, आर्यन ठाकुर, विमल वर्मा, धीरज कुमार, अंजली वर्मा आदि ने सहभागिता की।

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