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राज्यसभा सांसद संजय सेठ ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को लिया गोद

  • संकटकाल में लगातार कर रहे लोगों की मदद
  • जरूरतमंदों के बीच वितरित कर रहे राशन

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से राज्यसभा सांसद संजय सेठ ने उन्नाव के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, मौरावां को व्यवस्थित करने हेतु गोद लिया है। उन्होंने जिलाधिकारी उन्नाव को पत्र के माध्यम से अवगत कराया कि मेरे द्वारा सीएचसी में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर एवं कोरोना किट उपलब्ध करा दी गई है। सांसद संजय सेठ ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना वायरस की रोकथाम हेतु बेहतरीन निर्णय लिए। इसके साथ ही उन्होंने महामारी की तीसरी संभावित लहर की ठोस तैयारियों हेतु पहले से कई एहतियाती कदम उठाते हुए दिशा निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में उन्होंने प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु सांसदों, विधायकों और जनप्रतिनिधियों से एक-एक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र या प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को गोद लेने की जनहित अपील की। इसका अनुपालन करते हुए मैंने मौरावां सीएचसी को गोद लिया है। 

सांसद ने कहा कि सीएचसी में स्वास्थ्य सेवाओं को अतिउत्तम बनाने एवं सम्मानित क्षेत्रवासियों को उत्कृष्ट चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु सक्रियता के साथ समस्त कार्यवाही की जाएगी। इसके लिए डीएम उन्नाव को पत्र के माध्यम से सीएचसी के विकास हेतु किसी संबंधित अधिकारी की नियुक्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। गौरतलब हो कि सांसद द्वारा जनपद उन्नाव में सांसद आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत दरहेटा एवं कोंडरा को गोद लिया हुआ है। यहां उनके द्वारा लगातार विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। पिछले सप्ताह में सांसद द्वारा 1 हजार राशन पैकेट का वितरण किया गया। 

इससे पहले दोनों गोद ली हुई ग्राम पंचायतों में 32 लाख रूपये की लागत से इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कार्य और मौरांवा में 80 लाख रुपये की सांसद निधि से कम्युनिटी सेंटर का निर्माण कार्य की सौगात सांसद द्वारा दी गई। क्षेत्र के अस्पताल में सांसद निधि से 16 लाख रुपये एंबुलेंस के लिए दिए गए हैं। वहीं, क्षेत्र में सामुदायिक शौचालय का निर्माण भी सांसद निधि से कराया गया। व्यक्तिगत निधि से मौरांवा नगर पंचायत में स्कूल का नवीन भवन का निर्माण कराया व 100 शैय्या युक्त अस्पताल एवं सीएचसी मौरांवा में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर संकटकाल में दिए। मौरांवा में 36 लाख रुपये की लागत से इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण कार्य भी किया जाना है।

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