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उप्र राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ की मासिक बैठक में गंभीर मुद्दों पर हुई चर्चा

लखनऊ। लेसा ट्रांसगोमती एवं लेसा सिस गोमती क्षेत्र के अभियंता संघ की गुरुवार को हुई मासिक बैठक में अभियंताओं ने आरोप लगाया कि उच्च प्रबंधन द्वारा विद्युत आपूर्ति, राजस्व वसूली, लाइन हानियों एवं अन्य प्रकरणों में गलत तरीके से चार्जशीट निर्गत कर अभियंताओं का उत्पीड़न किया जा रहा है। जबकि समस्त  अभियंता लगातार उपलब्ध संसाधनों में उपभोक्ता सेवा, राजस्व वसूली, निरन्तर विद्युत आपूर्ति बनाए रखने एवं अन्य विभागीय कार्यों  में दिन रात लगे हुए हैं। अभियंताओं ने कहा कि उच्च प्रबंधन द्वारा बिजनेस प्लान निधि में कोई धनराशि आवंटित न करने से कोई भी नए कार्य, जरूरी उपभोक्ता सेवा एवं अन्य विकास कार्य सम्पन्न नहीं हो पा रहे हैं।

लाइन हानियों को कम करने, राजस्व वसूली बढ़ाने एवं आत्म निर्भर उपकेन्द्र बनाने के लिए पूर्व में भी अभियंता संघ द्वारा प्रबंधन को कार्य योजना सौंपी गई है। परन्तु उस पर कोई अमल न कर अनावश्यक चार्जशीट एवं भय का माहौल पैदा किया जा रहा है। जिससे लाइन हानियों में अंकुश नहीं लगाया जा सकता है। लाइन हानियों को कम करने के लिए अभियंता संघ ने प्रबंधन से अपील की है कि मॉडल के तौर पर लेसा के अधिक हानियों के कुछ उपकेंद्रो को चिन्हित करके सिर्फ मीटर (प्राथमिकता स्मार्ट मीटर को दी जाए) परिसर के बाहर आर्मड केबल द्वारा स्थापित कराई जाए। लाइन हानियों की तुलना करके परिणाम के अनुसार आगे भी अन्य उपकेंद्रो में डीटी क्लीनिंग (परिवर्तकवार मीटर परिसर के बाहर आर्मड केबल द्वारा स्थापित कराने का कार्य) कराकर लखनऊ शहर की लाइन हानियों सिंगल डिजिट में लाई जा सकती है। 

अभियंताओं ने कहा कि राजस्व वसूली एवं टर्नअप में वृद्धि हेतु वित्तीय वर्ष में प्रतिमाह नियत तिथि को समय से बिल जमा कराने वाले उपभोक्ताओं को प्रोत्साहन हेतु प्रशस्ति पत्र के साथ अन्य छूट के बारे में भी विचार किया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त अच्छे कार्य करने वाले अभियंताओं को प्रोत्साहित करने हेतु मुख्य अभियंता से रेटिंग प्राप्त कर प्रतिमाह रेटिंग कैलेंडर जारी करने एवं प्रशस्ति पत्र  प्रदान किए जाने की मांग भी की गई।

पूरे दिन वीसी में उलझाए रखने व कार्य के लिए समय न देने पर अभियंताओं ने कड़ा रोष प्रकट किया। अभियंताओं ने कहाकि बिजली थानों को पावर कॉरपोरेशन में विद्युत् चोरी के राजस्व निर्धारण की शत प्रतिशत व समय से वसूली के उद्देश्य से लाया गया था। जो पूरी तरह फ्लॉप और फिसड्डी साबित हुआ है एवं विद्युत चोरी के मामलो में राजस्व वसूली बुरी तरह प्रभावित हुई है। बिजली थाने सिर्फ पॉवर कॉरपोरेशन का घाटा बढ़ाने का कार्य कर रहे है। जिसकी समीक्षा करके विभाग हित में पुनः निर्णय लेने  आवश्यकता है।

एलडीए द्वारा नवनिर्मित कॉलोनियों एवम् बहुमंजिला इमारतों में कनेक्शन न देने की अनावश्यक नियम विपरीत रोक लगा रखी है जबकि एलडीए को अवैध निर्माणों को ढहाकर सख्ती से निपटने की आवश्यकता है। ये तरीका न अपनाकर बिजली विभाग पर एनओसी लेने का अवैध नियम डालकर पल्ला झाड़ लिया है। अतः उपभोक्ता एवं विभाग हित में सप्लाई कोड के अनुसार एफिडेविट (एलडीए द्वारा आपत्ति करने एवं अवैध निर्माण ढहाने की स्थिति में संयोजन स्थाई रूप से विच्छेदित कर दिया जायेगा) लेकर संयोजन निर्गत करने का आदेश निर्गत करने की आवश्यकता है।

समस्त अभियंताओं द्वारा प्रमोशन नियमो में रातोरात परिवर्तन करने एवं समय से प्रमोशन न करने पर कड़ी आपत्ति जताई गई। अभियंताओं द्वारा एक सुर में उपभोक्ता हित में विद्युत आपूर्ति में कोई व्यवधान न आने व सभी उपभोक्ताओं को सही बिल समय पर बिल निर्गत करने की प्रतिबद्धता जताई एवं प्रबंधन को उक्त सभी समस्याओं का समय से निराकरण एवं कार्य का स्वस्थ वातावरण प्रदान कराने की अपील की गई।

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