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पीएम पर की गई विवादित टिप्पणी का मामला : अखिल भारतीय कायस्थ महासभा ने की ये मांग

लखनऊ। अग्निपथ योजना और राहुल गांधी से ईडी की पूछताछ को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री व कांग्रेस नेता सुबोध कांत सहाय द्वारा पीएम नरेंद्र मोदी पर की गई विवादित टिप्पणी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस बीच अखिल भारतीय कायस्थ महासभा ने सुबोध कांत सहाय के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करते हुए उन्हें गिरफ्तार किए जाने की मांग केंद्र सरकार से की है। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओपी श्रीवास्तव व महासभा की उत्तर प्रदेश इकाई के राजनैतिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष शेखर कुमार ने बुधवार को आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में कहाकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के लिए जिस असंसदीय भाषा का प्रयोग सुबोध कान्त सहाय ने किया है उससे कायस्थ समाज ही नहीं अपितु समाज का हर वर्ग बहुत ही आक्रोशित है। वह सार्वजनिक रूप से अपने अनर्गल बयान-बाजी के लिए माफी मांगे क्योंकि इससे भारत की गरिमा को बहुत ही क्षति पहुंची है।

उन्होंने कहाकि सुबोध कान्त सहाय को कायस्थ समाज अब अपना नेता मानने में शर्मिंदगी महसूस करता है। एक सार्वजनिक स्थल पर अत्यंत उग्र रूप से आवेशित होकर जिस प्रकार की ओछी भाषा का प्रयोग देश के प्रधानमंत्री के लिए किया गया है उसे भारत की जनता कतई बर्दास्त करने वाली नहीं है। ओपी श्रीवास्तव एवं शेखर कुमार संयुक्त रूप से यह मांग की कि सार्वजनिक हित में सरकार द्वारा सुबोध कान्त सहाय को तत्काल गिरफ्तार कर उनकी रुग्ण मानसिक अवस्था का गहन चिकित्सीय परीक्षण कराया जाये। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आज हर क्षेत्र में भारत की प्रतिष्ठा विश्व समुदाय के समक्ष बढ़ी है। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा सुबोध कान्त सहाय की घोर भर्त्सना व कड़ी निंदा करता है और अपेक्षा करता है कि वह अपने आप को महासभा का स्वयंभू अध्यक्ष कहने से बाज आएं।

ओपी श्रीवास्तव एवं शेखर कुमार ने कहा कि सुबोध कान्त सहाय द्वारा अपने आपको अखिल भारतीय कायस्थ महासभा नाम की संस्था का स्वघोषित राष्ट्रीय अध्यक्ष बताया जाता है जबकि वास्तविकता यह है कि मूल अखिल भारतीय महासभा में उनका कहीं कोई अस्तित्व नहीं है। वर्तमान में प्रयागराज, उत्तर प्रदेश के चौधरी जितेंद्र नाथ महासभा के अध्यक्ष पद पर विराजमान हैं। देश भर में फैले कायस्थ समाज के बीच महासभा की लोकप्रियता का अनुचित तरीके से लाभ उठाने के लिये आजकल कई लोग महासभा के नाम से फर्जी संगठन बनाकर समाज को गुमराह करने और अपने-अपने स्वार्थ की सिद्धि करने में लगे हैं।

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