लखनऊ। लखनऊ बीमा संस्थान की ओर से "बीमा क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं" विषय पर नेशनल सेमिनार आयोजित किया गया। सेमिनार को भारतीय जीवन बीमा निगम के पूर्व अध्यक्ष हेमंत भार्गव, पूर्व कार्यकारी निदेशक आईआरडीए सुरेश माथुर, कार्यकारी निदेशक एलआईसी सलिल विश्वनाथ, वरिष्ठ मण्डलीय प्रबन्धक एलआईसी एवं बीमा संस्थान के अध्यक्ष एमसी जोशी ने संबोधित किया। इस अवसर पर जीवन बीमा एवं साधारण बीमा क्षेत्र से जुड़े अधिकारी कर्मचारियों के अतिरिक्त बड़ी संख्या में विश्वविद्यालय के छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
मुख्य वक्ता हेमंत भार्गव ने बीमा क्षेत्र में व्यापक स्तर पर व्यवसाय और रोजगार की क्षमताओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहाकि बीमा क्षेत्र में काम करने की न्यूनतम योग्यता मैट्रिक है। कोई भी व्यक्ति अभिकर्ता, सर्वेयर, चार्टेड एकाउंटेंट, डाटा एनालिस्ट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, चिकित्सक, अधिवक्ता, आईटी इन्जीनियर, एच्युरीज के रूप में बीमा क्षेत्र में व्यवसाय चुन सकता है। आईआरडीएआई पूर्व कार्यकारी निदेशक सुरेश माथुर ने बीमा नियमन के कार्यों की चर्चा करते हुए बताया कि बीमा क्षेत्र में सभी के हितों की रक्षा हेतु लगातार बदलाव किए जा रहे हैं जिससे बीमाधारक, कर्मचारियों के हितों की रक्षा हो सके। साथ ही बीमा क्षेत्र में माइक्रो इंश्योरेंस कंपनियों को लाइसेंस देने पर विचार किया जा रहा है जहां कम साल्वेंसी मार्जिन के साथ सीमित क्षेत्र में बीमा व्यवसाय की अनुमति दी जाएगी।



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