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बिजली इंजीनियरों ने फूंका आंदोलन का बिगुल, किया विरोध प्रदर्शन

लखनऊ। केंद्र सरकार द्वारा इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2022 को लोकसभा में रखे जाने के विरोध में NCCOEEE व All India Federation of Power Diploma Engineers के बैनर तले प्रदेश भर के जूनियर इंजीनियर एवं प्रोन्नत अभियंताओं ने समस्त जनपद मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया। संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष इं. जीवी पटेल एवं केंद्रीय महासचिव इं. जय प्रकाश ने संयुक्त रुप से बयान देते हुए कहाकि इस विधेयक को जल्दबाजी में संसद में प्रस्तुत किया गया है। जबकि इससे संबंधित सभी स्टेकहोल्डर से कोई भी विचार-विमर्श नहीं किया गया। इलेक्ट्रीसिटी (अमेण्डमेंट) बिल 2022 में यह प्राविधान है कि एक ही क्षेत्र में एक से अधिक वितरण कम्पनियों को लाईसेंस दिया जायेगा। निजी क्षेत्र की नई वितरण कम्पनियां सरकारी क्षेत्र के नेटवर्क का प्रयोग कर बिजली आपूर्ति करेंगी। इस प्रकार धीरे–धीरे सरकारी कंपनियों को और अधिक घाटे के तरफ ले जाकर उनको समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। 

सभा को संबोधित करते हुए All India Federation of Power Diploma Engineers के राष्ट्रीय अध्यक्ष इं. आर के त्रिवेदी ने कहाकि यह बिल देश की जनता एवं किसानों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। जैसा कि पूर्व में भी भारत सरकार द्वारा यह आश्वस्त किया गया था कि उपरोक्त बिल को किसान संघ, स्टेकहोल्डर सेवा संघों एवं उपभोक्ता प्रतिनिधियों से बिना वार्ता व सहमति के लोकसभा में प्रस्तुत नहीं किया जाएगा। किंतु आज इस बिल को लोकसभा में प्रस्तुत कर दिया गया है। इस बिल के लागू होने से सब्सिडी और क्रॉस सब्सिडी समाप्त हो जाएगी। किसानों और आम जनता को महंगी बिजली प्राप्त करने हेतु विवश होना पड़ेगा, साथ ही कर्मचारियों की सेवा शर्तों पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। सोमवार को इस बिल के विरोध में पूरे देश में प्रत्येक जनपद मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। लखनऊ में मध्यांचल मुख्यालय पर हुए सभा में लेसा सीस, ट्रांसगोमती एवं शक्ति भवन, पारेषण शाखा के भारी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे। 10 अगस्त को राजधानी लखनऊ सहित सभी जनपदों व परियोजना मुख्यालयों पर अपराह्न 04 बजे से 06 बजे तक विरोध प्रदर्शन किये जायेंगे।

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