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लखनऊ नगर निगम में letter war, अफसरों की हठधर्मिता से कर्मियों को खाने के लाले

लखनऊ। लखनऊ नगर निगम में कुछ अधिकारियों की आपसी तनातनी के चलते आउटसोर्सिंग से लगे कर्मी शोषण के शिकार हो रहे हैं। नगर निगम प्रशासन का इकबाल कमजोर होने से संस्था के काम काज पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। ताजा मामला लखनऊ नगर निगम के आर आर विभाग से जुड़ा है। लखनऊ नगर निगम में मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी तथा मुख्य अभियंता विद्युत यांत्रिक के बीच लेटर वॉर चल रहा है। 


नगर निगम लखनऊ की मुख्य वित् एवम् लेखाधिकारी एवं मुख्य अभियंता( विद्युत /यांत्रिक) की हठधर्मिता के कारण आरआर0 विभाग के नियमित कर्मचारियों का वेतन नहीं पारित नही हो पा रहा है। कर्मचारियों का आरोप है कि पिछले माह भी दोनों अधिकारियों की लापरवाही के कारण वेतन वितरण में हुआ था। विलम्ब तब आंदोलन उपरान्त कर्मचारियों को मिल पाया था।  जुलाई माह का वेतन इस माह भी वेतन नहीं मिल सका है।। इस वजह से कर्मचारी आंदोलन करने को विवश हो रहा है। उनका कहना है कि मुख्य अभियन्ता से वार्ता उपरान्त भी आज तक वेतन पारित नहीं हो पाया है।


बता दें कि मुख्य अभियंता विद्युत यांत्रिक संजय कटियार ने मुख्य वित्त एवम लेखाधिकारी रागिनी सिंह को पत्र लिखा है। इसमें उन्होने कहा है कि आपके संज्ञान में लाना है कि सभी विभाग के बिलों कर्मचारियों के वेतन बिलों व बिल पर हस्ताक्षर प्रभारी अभियन्ता अधिशाषी अभियन्ता / जोनल अभियन्ता द्वारा किया जाता है। पूर्व में आप द्वारा अपनी हठधर्मिता को कारण केन्द्रीय कार्यशाला/ जास्त आर० विभाग के नियमित कर्मचारियों का वेतन प्रभारी अभियन्ता (आरआर) के हस्ताक्षर के उपरान्त भी वेतन निर्मत नहीं किया गया, जिससे नगर निगम, लखनऊ के केन्द्रीय कार्यशाला/ आर० आर० विभाग मर्मचारियों द्वारा रोष व्याप्ता किया गया एवं हडताल करने की धमकी देकर नारे बाजी की भायी थी जिस कारण मेरे द्वारा नगर आयुक्त महोदय के निर्देश के क्रम में वेतन बिलों पर हस्ताक्षर कर दिया गया था. यह दायित्व प्रभारी अभियन्ता (आर०आर०) / अधिशाषी जिनका ही है। जुन अगस्त माह में नियमित पारियों के वेतन बिलो की आप द्वारा मुख्य अभियन्ता के हस्ताक्षर बिना बिली की बार-बार वापस किया जा रहा है जो कि नियम संगत नही है और न मत है। यदि किसी प्रकार की कोई नारेबाजी अथवा कर्मचारियों द्वारा कार्य में अवरोध करने की कोशिश की जाती है तो इसकी समस्त जिम्मेदारी आपकी होगी। कृपया उक्ता की संज्ञान में लेते हुए कर्मचारियों के पतन इत्यादि निर्गत करने हेतु सम्बंधित को निर्देशित करने का वाट करें। 

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