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साउथ इंडियन सुपर स्टार सुमन तलवार को भाया यूपी, कही ये बात

लखनऊ। यूपी में फ़िल्म उद्योग व शूटिंग के लिए बेहतर संभावनाएँ हैं। यहाँ काफी बेहतरीन लोकेशन्स मौजूद हैं जो फिल्म प्रोड्यूसर और डायरेक्टर्स को आकर्षित करते हैं। इससे सिर्फ फिल्म शूटिंग को ही बढ़ावा नहीं मिल रहा है बल्कि स्थानीय कलाकारों को भी मौका मिलेगा, जिससे उन्हें रोजगार मिल सकेगा। यह कहना है साउथ फिल्म इंडस्ट्री के सुपर स्टार सुमन तलवार का। यूपी की ऐतिहासिक इमारतों को देख कर काफी प्रभावित हुए सुमन तलवार ने कहाकि फिल्मों की शूटिंग के लिए अच्छे लोकेशन की हमेशा तलाश रहती है, जो यहां मौजूद है। एक कार्यक्रम में शामिल होने नवाबों के शहर लखनऊ पहुंचे सुमन तलवार ने "वॉयस ऑफ कैपिटल" संवाददाता शम्भू शरण वर्मा से खास बातचीत में कहाकि यूपी ही नहीं सभी प्रदेशों में फिल्म उद्योग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। 

उन्होंने कहाकि साउथ की फिल्मों में कहानियों पर काफी काम हो रहा है, आज भी अपने ट्रेडिशनल को बरकरार रखते हुए फिल्में बनाई जाती हैं। जिससे आम आदमी फ़िल्म की कहानी और किरदार से खुद को कनेक्ट कर पा रहा है। अपने 45 वर्ष के फिल्मी कैरियर के दौरान तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़ और भोजपुरी सहित कई क्षेत्रीय भाषाओं की 700 से भी अधिक फिल्मों में किरदार निभा चुके सुमन तलवार का मानना है कि फ़िल्म कोई भी हो, लेकिन उसकी कहानी ऐसी हो जिसके माध्यम से आमजनमानस में जागरूकता का संदेश जाये।फिल्मों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, इतिहास, दार्शनिक व धार्मिक स्थल के साथ ही वहां की मान्यताओं को भी जन जन तक पहुंचाना चाहिए। अपनी एक चर्चित फिल्म का जिक्र करते हुए सुमन तलवार ने कहाकि उन्होंने मेडिकल कॉलेज व हॉस्पिटलों में मरीजों के इलाज के नाम पर हो रहे भ्रष्टाचार को उजागर किया था।
उन्होंने बताया कि फ़िल्म में काम करने से पहले वह यह जरूर देखते है कि फ़िल्म की कहानी में नया क्या है। रिपीट कहानी है तो वह नहीं करते है। उनके अधिकांश किरदार पुलिस अधिकारी के है, राजनेता के किरदार के लिए भी काफी ऑफर आते हैं, लेकिन किरदार निगेटिव है या पॉजिटिव यह देखने के बाद ही सेलेक्ट करते है। उन्होने बताया कि तेलगु भाषा की फिल्म तिरुपति श्रीबालाजी में उन्होने तिरुपति बालाजी का रोल किया था। जिसके लिए काफी मेहनत की। आठ माह तक जमीन पर सोए, शुद्व शाकाहारी भोजन किया, जूता चप्पल नहीं पहने और एक साधु, पुजारी की तरह वक्त गुजारा। वह फ़िल्म काफी हिट हुई। तब इस फ़िल्म के लिए तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा ने उन्हें बुलाया और राष्ट्रपति भवन के हॉल में साथ बैठकर फ़िल्म देखी थी। जो मेरे लिए ऐतिहासिक क्षण था।

सुमन तलवार राजनीति से दूर रहना चाहते है। राजनीति से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्होंने राजनैतिक दल में चंद्रबाबू नायडू को सपोर्ट किया और तेलगुदेशम पार्टी के लिए भी काम किया था। लेकिन अब वो सिर्फ एक्टिंग पर ही ध्यान दे रहे है और राजनीति में जाने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि उनका राजनीति से कोई लगाव नहीं था लेकिन चंद्रबाबू नायडू के भाई राममूर्ति नायडू से उनकी खास दोस्ती थी। चुनाव नजदीक आने पर राममूर्ति ने अपने बड़े भाई चंद्रबाबू नायडू के पक्ष में प्रचार करने का अनुरोध किया और उनसे भी चुनाव लड़ने के लिए कहा। जिसपर उन्होंने खुद चुनाव लड़ने से मना कर दिया लेकिन चंद्रबाबू नायडू के पक्ष में चुनाव प्रचार किया। क्योंकि चंद्रबाबू नायडू के कार्यों से वो प्रभावित थे। सुमन कहते है कि आज हैदराबाद में जो बदलाव दिख रहा है उसके आर्किटेक्ट चंद्रबाबू नायडू है। 

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