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अवध शिल्प ग्राम में त्रिदिवसीय उत्तर प्रदेश दिवस समारोह का आगाज

सांस्कृतिक गतिविधियों के मध्य हुए खिलाड़ी और शिल्पकार पुरस्कृत

कन्हैयालाल के बाद 25 को दिनेशलाल निरहुआ और 26 को कैलाश खेर होंगे मंच पर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश दिवस के उपलक्ष्य में अवध शिल्प ग्राम शहीद पथ पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता त्रिदिवसीय समारोह का शुभारम्भ हुआ। संस्कृति विभाग, पर्यटन विभाग, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग और जिला प्रशासन के इस संयुक्त आयोजन में मुख्य अतिथि के तौर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ ही उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह, कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही, खादी ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान, खेल व युवा कल्याण मंत्री गिरीशचन्द्र यादव और मुख्यसचिव व विभागों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर खिलाड़ी और शिल्पकार पुरस्कृत किये गये। 

आज शाम समारोह में चण्डीगढ़ के कन्हैयालाल मित्तल ने गाये गीतों ने माहौल को उल्लासमय बना दिया। समारोह के दूसरे दिन कल अतिथि प्रदेशों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ दिनेशलाल निरहुआ की भोजपुरी गीतों की संध्या विशिष्ट होगी। इसी तरह अंतिम दिन 26 जनवरी को यहां बॉलीवुड फेम पद्मश्री कैलाश खेर की गायन प्रस्तुति होगी। 

आयोजनों में आज देश-प्रदेश के विभिन्न प्रदेशों और अंचलों के लोकनृत्य की मनोहारी झलकियां देखने को मिलीं। ब्रज क्षेत्र के लवणीय मयूर नृत्य, बुंदेलखण्ड के राई और विंध्य अंचल के करमा नृत्य की प्रस्तुतियां मंच पर खिलीं। पहले दिन प्रदेश के विभिन्न अंचलों की बोलियों पर आधारित कवि सम्मेलन में बाराबंकी के विकास बौखल ने अवधी, अलीगढ़ की पूनम शर्मा ने ब्रज, झांसी के अर्जुन सिंह चांद ने बुंदेली, जौनपुर के बिहारीलाल अम्बर ने भोजपुरी, मेरठ के ओज कवि डा.हरिओम पंवार ने खड़ी बोली के संग ही दिल्ली के गजेन्द्र सोलंकी ने हिन्दी में मधुर काव्य रचनाएं सुनायीं। 

त्रिधारा के अंतर्गत राइजिंग मलंग ग्रुप के कलाकारों ने संत कबीर, रैदास और गोरख की भक्ति संगीत रचनाएं सुनाकर श्रोताओं को आह्लादित किया। आयोजन स्थल पर सिक्किम, छत्तीसगढ़, बिहार और अरुणांचल प्रदेश के के कलाकारों ने अपने लोकनृत्यों की अनुपम छठा बिखेरी। चण्डीगढ़ से आए जो राम को लाए हैं फेम कन्हैयालाल मित्तल और साथियों ने राष्ट्रभावना जगाने वाले गीतों के साथ भीगी पलकों ने श्याम पुकारा है..... और कहां हो सांवरिया अब मुझे देना सहारा है और मझधार में है नैया बड़ी दूर किनारा है जैसी जोश भरी प्रस्तुतियों से लोगों को निहाल किया। 

समारोह में आज कृषि विभाग द्वारा गो आधारित प्राकृतिक खेती की मॉनीटरिंग के लिए एकीकृत डैशबोर्ड और पोर्टल का लोकार्पण हुआ। साथ ही यहां एमएसएमई की छह लाभार्थीपरक योजनाओं को ऑनलाइन किया गया। इसके अतिरिक्त नोटरी प्रबंधन प्रणाली की वेबसाइट की भी लांचिंग की गयी। 

समारोह में 25 जनवरी को

समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ कल अंतर्राष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष पर मोटे अनाजों पर, एमएसएमई व खादी पर, वन ट्रिलियन इकोनॉमी पर और एग्रो-रूरल व इको टूरिज्म पर सेमिनार होंगे। इसके साथ ही नई पर्यटन नीति और बुंदेलखण्ड के किलों पर आधारित लघु फिल्मों का प्रदर्शन किया जायेगा। 

अतिथियों ने दिये पुरस्कार 

यहां खादी एवं ग्रामेद्योग विभाग द्वारा शामली की बबिता, लखनऊ की सायरा बानो और बरेली के राजपाल ग्रामोद्योग पुरस्कार से; माटी कला बोर्ड की ओर से आजमगढ़ के नीरजकुमार, गोरखपुर के अखिलेशचन्द्र प्रजापति व प्रयागराज के रामनरेश प्रजापति को पुरस्कृत किया। 

इनको मिले राज्य हस्तशिल्प पुरस्कार 

वाराणसी के पंजादारी शिल्पी रमेशकुमार मौर्य के संग फिरोजाबाद के कायम सिंह को ग्लास आर्ट के लिए, सहारनपुर के इकराम अहमद को लकड़ी की नक्काशी, आजमगढ़ के नीरजकुमार प्रजापति को टेरोकोटा ब्लैक पॉटरी और मुरादाबाद की सईदा परवी को आर्ट मेटर वेयर की कृतियों के लिए पुरस्कृत किया गया। 

खिलाड़ी भी हुए पुरस्कृत 

इस अवसर पर उत्कृष्ट खिलाड़ी के तौर पर ज्योति शुक्ला हैण्डबॉल, नेहा कश्यप वुशु, तरुणा शर्मा जूडो को रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार प्रदान किया गया। इन्हीं के साथ लक्ष्मण पुरस्कार से मोहित यादव हैण्डबॉल, राहुल सिंह व मोहम्मद आरिफ हॉकी, जनार्दन सिंह कुश्ती, राधेश्याम सिंह एथलेटिक्स, सुहासएलवाई बैडमिण्टन, विवेक चिकारा तीरंदाजी औ दीपेन्द्र सिंह शूटिंग को पुरस्कृत किया गया।

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