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लावारिस लाशों की अनकही त्रासदी को दर्शाती कहानी है फ़िल्म "ला वास्ते"

नवाबों के शहर पहुंचे फिल्म "ला वास्ते" के कलाकार, फ़िल्म के बारे में खुलकर की बात

 अभिनेता ओमकार कपूर अभिनीत फिल्म “ला वास्ते”: लावारिस लाशों की खातिर एक होने की कहानी
 
लखनऊ। एक वक्त था जब हर सुख दुख में पूरा परिवार एकत्र हो जाता था। लेकिन आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में काफी बदलाव आ गया है। जिन मां बाप ने अपने बच्चों को उंगली पकड़कर चलना सिखाया और पढ़ा लिखा कर सक्षम बनाया। आज वही बेसहारा है, मरने के बाद अपनों का कंधा भी नसीब नहीं होता है। हालत यह है कि जरूरत पड़ने पर समाज में लोग अपनों के साथ ही नहीं खड़े होते हैं। वहीं अधिकांश ऐसे भी है जो खून का रिश्ता न होने के बावजूद जरूरत पड़ने पर दूसरों की मदद करने के लिए हमेशा तत्पर रहते है। ऐसे ही मददगार लोगों और लावारिस लाशों की अनकही त्रासदी की कहानी है "ला वास्ते"। 
एडिव प्रोडक्शंस प्राइवेट लिमिटेड ने आधिकारिक तौर पर अपनी आगामी फिल्म ला वास्ते का टीज़र जारी किया है। निर्देशक सुदेश कनौजिया, निर्माता डॉ. आदित्य वर्मा और सह निर्माता रोहनदीप सिंह हमारे समाज में लावारिस लाशों की अनकही त्रासदी को दिखाते हुए एक अनूठी कहानी बड़े पर्दे पर लेकर आए हैं। मंगलवार को फ़िल्म के मुख्य किरदार ओमकार कपूर, मनोज जोशी अपनी पूरी टीम के साथ नवाबों के शहर लखनऊ पहुँचे। इस दौरान उन्होंने फिल्म की कहानी पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि हम इतने प्रगतिशील होते जा रहे कि संवेदनाएं मरती जा रही है। लेकिन समाज में ऐसे भी लोग व संस्थाएं है जो खून का रिश्ता न होने के बावजूद दूसरों की न सिर्फ मदद कर रहे हैं बल्कि लावारिस लाशों का अंतिम संस्कार भी कर रहे हैं। 
 

फ़िल्म शिक्षित युवा सत्यांश (ओमकार कपूर) के संघर्षों को भी दर्शाती है। जो शिक्षित है, सक्षम है, लेकिन डिग्रियां होने के बावजूद उसे नौकरी नहीं मिलती है और नौकरी के लिए वह दर-दर भटकता रहता है। इसी दौरान कुछ ऐसा होता है जिसके बाद वह ठान लेता है कि उसे कभी भी हिम्मत नहीं हारनी है और यहीं से शुरू होती है 'ला वास्ते' की कहानी। फ़िल्म एक बी.टेक स्नातक सत्यांश की यात्रा का अनुसरण करता है, जिसका काम शवों को उठाना है। हालांकि, कहानी उनकी या उनके परिवार की नहीं है, बल्कि उन लावारिस लाशों की है जिनके वारिस हैं। फिल्म का उद्देश्य लावारिस लाशों की खातिर लोगों को एकजुट करना है, हमारे समाज में मौजूद अमानवीयता और त्रासदी पर प्रकाश डालना है।
 
ओमकार कपूर, मनोज जोशी, बृजेंद्र काला, उर्वशी एस शर्मा, शुभांगी लतकर, आदित्य वर्मा और विकास गिरी अभिनीत। ला वास्ते 26 मई को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने के लिए तैयार है। फिल्म में मनोज नेगी द्वारा संगीत दिया गया है, जिसमें सोनू निगम, कैलाश खेर और स्वानंद किरकिरे ने अपनी आवाज दी है। फ़िल्म की अधिकांश शूटिंग छत्तीसगढ़ में हुई है। जैसा कि फैन्स ला वास्ते की रिहाई का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, आइए हम एक साथ आएं और लावारिस लाशों के कारण के लिए अपना समर्थन दें। क्रांति में शामिल हों और बदलाव का हिस्सा बनें।

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