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छह माह से वेतन, पेंशन को तरस रहे जल निगम कर्मी व पेंशनर

लखनऊ। उ० प्र० जल निगम के कर्मियों / पेंशनरों ने 6 माह से वेतन पेंशन न मिलने के कारण आज प्रदेश भर के मुख्य अभियन्ता कार्यालयों पर सामूहिक अनशन के साथ सभा एवम् प्रदर्शन कर मा० मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन प्रेषित किए।

लखनऊ में उ० प्र० जल निगम के प्रधान कार्यालय पर लखनऊ स्थित कार्यालयों के अधिकारी, कर्मचारी एकत्र हुए जिनके बीच से एक कार्मिक व पेंशनर अनशन पर बैठे, जिनका नेतृत्व लखनऊ जनपद के संयोजक गुडलक वर्मा द्वारा किया गया।


उ० प्र० जल निगम संघर्ष समिति के प्रान्तीय संयोजक वाई० एन० उपाध्याय ने बताया कि आधा अधूरा येतन यह भी छह छह माह तक न मिलने से अधिकारी/कर्मचारी एवं उनके परिवार त्रस्त हैं। मंहगाई भत्ता भी सातवें के बजाय छठवें वेतनमान 252 प्रतिशत के स्थान पर 212 प्रतिशत, 40 प्रतिशत कम देकर, 14 वर्ष से कोई बोनस का भुगतान नहीं किया गया। 

अघोषित रूप से अनुकम्पा नियुक्तियों को बन्द करने से कर्मियों में व्याप्त रोश के कारण आज प्रदेश भर के मुख्य अभियन्ता कार्यालयों पर बड़ी तादात में कार्मिक जुटे तथा उन्होंने प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, लखनऊ, कानपुर, झाँसी, आगरा, गाजियाबाद, मेरत तथा गुरादाबाद में 2 घंटे तक जल निगम का कामकाज पूरी तरह बन्द कर दिया


लखनऊ स्थित निगम के प्रधान कार्यालय पर सम्पन्न सभा को सम्बोधित करते हुए श्री राम अधार पाण्डेय, एम के भट्ट ने जल निगम प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि 7 सूत्री समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो अब कार्मिक एवं पेंशनर चुप बैठने वाले नहीं हैं, और अब लम्बी लड़ाई के लिए कगर कर चुके हैं। 4 जुलाई 2025 को पुनः प्रदेश भर के जिला मुख्यालयों पर दिन भर धरना प्रदर्शन किया जायेगा। 

संघर्ष समिति के मिडिया प्रभारी मंजीत वर्मा एवम् एस० पी० मिश्रा,  राघवेन्द्र गुप्ता, इजहार अली, आकाश श्रीवास्तव, जय प्रकाश त्रिपाठी, ओम प्रकाश, राजू ने रामाओं को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री से अपील की कि यह कृपया हस्तक्षेप कर समय पर वेतन/पेंशन का नियमित भुगतान सहित सातवां वेतनमान लागू करते हुए अद्यतन मंहगायी भत्ता/राहत के भुगतान की व्यवस्था करें तथा समय पर पेंशनरी देयों का भुगतान, अनुकम्पा नियुक्ति की बहाली तथा जल निगम के स्थापित ढाचे में की गयी उलट फेर को पुनः स्थापित कराये छठवें वेतनमान के एरियर के भुगतान से वंचित कर्मियों को तत्काल भुगतान कर सुप्रीमकोर्ट के आदेशों का पालन सुनिश्चित कराया जाय।

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