📘 🐦 📸
तेज़, सटीक और भरोसेमंद खबरें
🔴 Breaking
Loading news...
Voice of Capital को Google पर पसंदीदा स्रोत बनाएं
ताजा खबरों के लिए हमें Google पर Follow करें

Pages

भूसा दान पर बवाल के बाद बीएसए की सफाई, बोलीं- यह आदेश नहीं स्वैच्छिक अभियान

भूसा दान नहीं, जनभागीदारी अभियान!

बरेली बीएसए बोलीं- गोसेवा के लिए स्वैच्छिक सहयोग की गई थी अपील



बरेली में निराश्रित गोवंश के लिए भूसा जुटाने को लेकर वायरल हुए पत्र पर अब बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से सफाई सामने आई है। बरेली की बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) डॉ. विनीता ने स्पष्ट किया है कि यह किसी प्रकार का आदेश या दबाव नहीं था, बल्कि जनभागीदारी और लोककल्याण से जुड़ा स्वैच्छिक अभियान था।

यह खबर भी पढ़ें 

अब गुरुजी मांगेंगे 'भूसा'! बरेली के वायरल आदेश से मचा बवाल

बीएसए ने कहा कि 22 मई 2026 को जारी पत्र का उद्देश्य निराश्रित गोवंशों के भरण-पोषण के लिए समाज से सहयोग जुटाना था। इसे मानवीय संवेदना और गोसेवा की भावना के तहत जारी किया गया था। हालांकि सोशल मीडिया और कुछ मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इसे “आदेश” के रूप में प्रस्तुत किया गया, जबकि विभाग की मंशा केवल स्वैच्छिक सहयोग की अपील करना थी।

डॉ. विनीता के अनुसार अब पत्र में आंशिक संशोधन करते हुए साफ कर दिया गया है कि किसी भी शिक्षक, कर्मचारी या स्कूल पर कोई बाध्यता नहीं है। यह पूरी तरह स्वेच्छा आधारित सहयोग अभियान है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गो संरक्षण और निराश्रित गोवंशों के पालन-पोषण को लेकर लगातार काम कर रही है। गोशालाओं के निर्माण, चारे और चिकित्सा व्यवस्था के साथ समाज की भागीदारी भी बढ़ाई जा रही है ताकि कोई भी गोवंश बेसहारा न रहे।

बीएसए ने समाजसेवियों, युवाओं, किसानों, ग्राम प्रधानों और सामाजिक संगठनों से भी इस अभियान में सहयोग की अपील की है। उनका कहना है कि भारतीय संस्कृति में गोसेवा को सदियों से पुण्य कार्य माना गया है और यह पहल सामाजिक जिम्मेदारी को मजबूत करने का प्रयास है।

उन्होंने मीडिया से भी अपील की कि इस अभियान को दबाव या आदेश के रूप में न देखा जाए, बल्कि इसे लोकहित और संवेदनशीलता से जुड़े प्रयास के रूप में समझा जाए।

Disclaimer: Voice of Capital वायरल पत्र और उससे जुड़ी सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

📢 WhatsApp से जुड़ें