लखनऊ। राजधानी के रजिस्ट्रार ऑफिस और आबकारी भवन के सामने सड़क किनारे कूड़े का बड़ा ढेर लगा हुआ है। प्लास्टिक, कागज, खाने-पीने के अवशेष और अन्य कचरे से फैली गंदगी न सिर्फ बदबू फैला रही है, बल्कि यहां आने-जाने वाले लोगों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन रही है।
यह इलाका बेहद व्यस्त रहता है, जहां रोज़ाना बड़ी संख्या में वकील, अधिवक्ता और रजिस्ट्री कराने आने वाले लोग पहुंचते हैं। ऐसे में इस तरह की गंदगी शहर की छवि को धूमिल कर रही है और लोगों को अस्वच्छ माहौल में काम करने को मजबूर कर रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सफाई का जिम्मा संभाल रही निजी एजेंसी लखनऊ स्वच्छता अभियान ‘रामकी’ इस क्षेत्र में अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभा रही है। नियमित कूड़ा उठान और सफाई न होने से यहां कचरा लगातार जमा होता जा रहा है।
गंदगी के चलते मच्छरों और संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है, जिससे बीमारियों के फैलने की आशंका बनी हुई है। सरकारी दफ्तरों के सामने इस तरह की स्थिति न सिर्फ स्वच्छता अभियान पर सवाल खड़े करती है, बल्कि नगर निगम और संबंधित एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है।
स्थानीय लोगों ने नगर निगम और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि जल्द से जल्द इस क्षेत्र की सफाई कराई जाए और निजी एजेंसी की जवाबदेही तय की जाए, ताकि लोगों को साफ-सुथरा वातावरण मिल सके।
(रिपोर्ट: रवींद्र सिंह)




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