UP Fake Medicine Racket: यूपी में नकली दवाओं के बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़; लखनऊ-वाराणसी में छापेमारी, 25 फर्मों पर एक्शन
लखनऊ, 8 जुलाई 2026: उत्तर प्रदेश में ब्रांडेड कंपनियों की डुप्लीकेट और नकली दवाओं के एक अंतर-जनपदीय रैकेट का पर्दाफाश हुआ है. विभाग द्वारा गठित 18 औषधि निरीक्षकों (Drug Inspectors) की विशेष संयुक्त टीम ने बीते दो दिनों में दवा मंडी अमीनाबाद, ट्रांसपोर्ट नगर और अन्य क्षेत्रों में चिन्हित फर्मों पर सघन छापेमारी की है.
🚨 लखनऊ और वाराणसी में ऐसे दबोचे गए आरोपी
- 📍 आलमबाग बस स्टेशन (लखनऊ) पर एक्शन: 6 जुलाई की रात आलमबाग मेट्रो स्टेशन के पास से एक गत्ते के कार्टन में भारी मात्रा में संदिग्ध नकली एलोपैथिक दवाइयां बरामद की गईं। इसमें मशहूर ब्रांड Chymoral Forte की 4800 टैबलेट और Gudcef Plus की 2940 टैबलेट सीज की गईं, जिनकी कीमत करीब 1.6 लाख रुपये है। मौके से वाराणसी निवासी विमल कुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया। इस मामले में आलमबाग थाने में FIR संख्या 0086/2026 दर्ज की गई है।
- 📍 मडुवाडीह (वाराणसी) में ₹25 लाख की दवाएं जब्त: गिरफ्तार विमल कुमार सिंह से मिले इनपुट के आधार पर वाराणसी के चौधरी कटरा स्थित 'मेसर्स न्यू सर्जिकल' पर पुलिस के साथ छापा मारा गया। यहाँ बिना वैध लाइसेंस के अवैध रूप से भंडारित लगभग 25 लाख रुपये की एलोपैथिक दवाएं जब्त की गईं और दुकान मालिक संदीप श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया गया। मडुवाडीह थाने में भी BNS की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
📊 विशेष प्रवर्तन अभियान के मुख्य आंकड़े
| विवरण / कार्रवाई बिंदु | आंकड़े / स्थिति |
|---|---|
| 🏢 कुल चिन्हित फर्म जहां छापेमारी हुई | 25 फर्में |
| 🔬 जांच के लिए भेजे गए संदिग्ध नमूने | 52 नमूने |
| 🛑 तत्काल बंद/संचालन पर रोक लगाई गई फर्म | 12 फर्में |
| 📦 बिना रिकॉर्ड वाली रोकी गई दवाएं | अनुमानित कीमत ₹1.77 लाख |
🔍 इन नामचीन ब्रांड्स और गड़बड़ियों की हो रही है जांच
इस अभियान का उद्देश्य नकली दवाओं की बिक्री, एक्सपायरी दवाओं की री-लेबलिंग, सरकारी आपूर्ति और फिजिशियन सैंपल्स के अवैध व्यावसायिक विक्रय को रोकना है। इसके तहत तेजी से बिकने वाले उत्पादों (Fast Moving Products) और देश की बहुचर्चित कंपनियों (Lupin, Glenmark, Mankind आदि) के निम्नलिखित ब्रांड्स की सघन जांच की जा रही है:
🎯 जांच के दायरे में आए प्रमुख ब्रांड्स: Hepamerz, Libera 500, Glimestar M1 M2, PM1, PM2, Telma AM और Telma H।
🏢 इन 25 प्रमुख फर्मों पर हुई सघन कार्रवाई:
महालक्ष्मी ट्रेडर्स, जय श्री महाकाल फ़ार्मास्युटिकल्स, भगवती एंटरप्राइजेज (एवं इनके 2 गोदाम), न्यू बाबा फार्मा (एवं इनका गोदाम), फार्मा सेल्स, आर जी फार्मा, ट्रेडमेड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (अमीनाबाद व ट्रांसपोर्ट नगर), दुर्गा डिस्ट्रीब्यूटर्स, श्री तिरुपতি बालाजी एजेंसी, श्री बाँके बिहारी फार्मा (एवं इनका गोदाम), भगवती मेडीसीन्स, बापू मेडिकल हाल, मैक फार्मा, संस्कृति फार्मा, सुखमणी फार्मा, बम बम फार्मा, अनंत एशिया फार्मा प्राइवेट लिमिटेड (सरोजनी नगर), रुद्राक्ष फार्मा, अनंत एंटेरप्राइसेज, ओम साई राम मेडिकोज, मेडट्रास मल्टीवर्स और एस एस मेडिकोज़्।
औषधि प्रशासन विभाग के अनुसार, जिन 12 फर्मों के पास मौके पर क्रय-विक्रय के वैध दस्तावेज नहीं मिले, उनके संचालन को औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 की धारा 22(1)(क) के तहत तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है। विभाग ने साफ किया है कि दोषी व्यक्तियों और फर्मों के खिलाफ सक्षम न्यायालय में सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।


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