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उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) शुरू: ₹40 लाख का दुर्घटना बीमा, मनमाने ढंग से हटाने पर रोक; देखें सभी बड़े लाभ

आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को योगी सरकार का 'सुरक्षा कवच': UPCOS का शुभारंभ, हर महीने 5 तारीख तक वेतन, ₹40 लाख का बीमा और नौकरी की पक्की गारंटी

📍 स्थान: लखनऊ, उत्तर प्रदेश | 📅 दिनांक: 02 सितंबर 2026 | 🛡️ श्रेणी: कर्मचारी कल्याण, रोजगार नीति एवं प्रशासनिक सुधार

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग पर कार्यरत लाखों कर्मचारियों के भविष्य और जॉब सिक्योरिटी को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐतिहासिक फैसला लिया है। सीएम योगी ने बुधवार को उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) का विधिवत शुभारंभ किया। इस पारदर्शी और डिजिटल व्यवस्था से प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत लगभग 3.5 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों को सीधे लाभ मिलेगा। अब मनमाने ढंग से कर्मचारियों को नौकरी से नहीं निकाला जा सकेगा और उनका वेतन हर महीने 1 से 5 तारीख के भीतर सीधे बैंक खाते में पहुंचेगा।

📌 UPCOS के तहत कर्मचारियों को मिलने वाले प्रमुख लाभ:

  • निश्चित वेतन चक्र: हर महीने की 1 से 5 तारीख के बीच सीधे बैंक खाते में भुगतान।
  • जॉब सिक्योरिटी: कोई भी एजेंसी मनमाने ढंग से कर्मचारी को सेवा से नहीं हटा सकेगी; निगम की अनुमति अनिवार्य।
  • पारदर्शी भर्ती: सेवायोजन पोर्टल से मेरिट आधारित चयन; वर्ग-3 और 4 के पदों के लिए इंटरव्यू समाप्त।
  • आरक्षण नियमों का पालन: SC, ST, OBC, EWS, दिव्यांगजन और महिलाओं को नियमानुसार आरक्षण।
  • ₹40 लाख तक का दुर्घटना बीमा: SBI के साथ एमओयू, एयर एंबुलेंस और बर्न प्लास्टिक सर्जरी की विशेष सुविधा।
  • पारिवारिक सुरक्षा: बच्चों की उच्च शिक्षा, बेटियों के विवाह और अंतिम संस्कार हेतु आर्थिक सहायता।

📊 UPCOS एवं SBI एमओयू के तहत मिलने वाली सामाजिक सुरक्षा राशियां

सुविधा / आर्थिक सहायता अधिकतम निर्धारित राशि
व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा (Accident Cover) ₹40 लाख तक
आपातकालीन एयर एंबुलेंस सुविधा ₹10 लाख तक
प्लास्टिक सर्जरी (जलने की स्थिति में) ₹10 लाख तक
आकस्मिक दवाइयों का खर्च ₹5 लाख तक
पुत्री की उच्च शिक्षा हेतु सहायता ₹10 लाख तक
पुत्र की उच्च शिक्षा हेतु सहायता ₹8 लाख तक
दो पुत्रियों के विवाह हेतु आर्थिक सहायता ₹8 लाख से ₹10 लाख तक
अंतिम संस्कार सहायता राशि ₹50,000

बिचौलिया प्रथा पर लगाम: 'एक कर्मचारी, एक डिजिटल पहचान'

अब तक आउटसोर्सिंग व्यवस्था में ठेकेदारों और एजेंसियों द्वारा कर्मचारियों के शोषण, ईपीएफ (EPF) और ईएसआईसी (ESIC) कटौती के बावजूद जमा न करने जैसी गंभीर शिकायतें आम थीं।

UPCOS के तहत अब एक केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है। प्रत्येक कर्मचारी का सर्विस रिकॉर्ड, उपस्थिति, वेतन पर्ची, ईपीएफ-ईएसआईसी अंशदान और बैंक विवरण ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा। यदि कोई एजेंसी अंशदान जमा नहीं करती है, तो पोर्टल पर इसकी तत्काल ट्रैकिंग होगी और एजेंसी के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पारदर्शी भर्ती और महिलाओं को विशेष वरीयता

"आउटसोर्सिंग का अर्थ यह नहीं हो सकता कि कर्मचारी हमेशा असुरक्षा और असमंजस के साये में जिए। UPCOS के माध्यम से हमने कर्मचारियों को गरिमा, समय पर वेतन और व्यापक सामाजिक सुरक्षा की विधिक गारंटी दी है। अब कोई भी एजेंसी किसी कर्मचारी को बिना ठोस कारण और निगम की अनुमति के सेवा से नहीं हटा सकेगी।"
— मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

नई नीति के तहत भर्तियां सेवायोजन पोर्टल के जरिए पूरी तरह मेरिट के आधार पर होंगी। तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों के लिए साक्षात्कार (Interview) की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। इसके अलावा विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाओं को चयन प्रक्रिया में विशेष वरीयता दी जाएगी। मातृत्व अवकाश सहित सभी वैधानिक लाभ भी अनिवार्य रूप से लागू होंगे।

ऐतिहासिक सुधार: UPCOS की स्थापना से उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जिसने आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों को कॉरपोरेट स्तर की सामाजिक सुरक्षा, डिजिटल गवर्नेंस और वैधानिक अधिकारों के साथ संस्थागत स्वरूप प्रदान किया है।

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