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यूपी सिडको की सख्त कार्रवाई: दागी फर्म का अनुबंध निरस्त, पूर्व चीफ इंजीनियर समेत 5 अभियंताओं पर गिरी गाज; होगा व्यापक रजिस्ट्रेशन ऑडिट

यूपी सिडको की बड़ी कार्रवाई: प्रयागराज बाल चिकित्सालय निर्माण में देरी पर RCB इन्फ्राकॉन्स 5 साल के लिए ब्लैकलिस्ट; ₹55 लाख की बैंक गारंटी जब्त, कई अभियंताओं पर गिरी गाज

📍 स्थान: लखनऊ / प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) | 📅 दिनांक: 13 अक्टूबर 2026 | 🏗️ श्रेणी: प्रशासनिक कार्रवाई, स्वास्थ्य अवसंरचना, यूपी सिडको, भ्रष्टाचार व लापरवाही पर प्रहार

लखनऊ: उत्तर प्रदेश स्टेट कंस्ट्रक्शन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (UP CIDCO) ने प्रयागराज स्थित स्वरूप रानी नेहरू (SRN) चिकित्सालय परिसर में निर्माणाधीन बाल चिकित्सालय परियोजना में घोर लापरवाही पर कड़ा प्रहार किया है। निगम के प्रबंध निदेशक संजीव सिंह के निर्देश पर निर्माण एजेंसी मेसर्स आरसीबी इन्फ्राकॉन्स प्राइवेट लिमिटेड का अनुबंध निरस्त करते हुए उसे 5 वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। इसके साथ ही फर्म की ₹55 लाख की सिक्योरिटी एवं परफॉर्मेंस गारंटी जब्त कर ली गई है और दोषी अधिकारियों के खिलाफ भी विभागीय व विधिक कार्रवाई शुरू की गई है।

📌 यूपी सिडको की दंडात्मक कार्रवाई के प्रमुख बिंदु:

  • फर्म पर कार्रवाई: अनुबंध निरस्त, 5 साल का देशव्यापी प्रतिबंध (ब्लैकलिस्टिंग) और ₹55 लाख की बैंक गारंटी जब्त।
  • अपराधिक इतिहास छिपाने का आरोप: कंपनी के निदेशकों के खिलाफ दर्ज मुकदमों की जानकारी छिपाकर और फर्जीवाड़े के जरिए निविदा हासिल करने की पुष्टि।
  • 5 अभियंताओं पर कार्रवाई: तत्कालीन चीफ इंजीनियर केजी दुबे, अधीक्षण अभियंता राजेश चौधरी, एक्सईएन मनीष कुमार श्रीवास्तव व एई धर्म शंकर पर विभागीय जांच।
  • सेवानिवृत्त अधिकारी पर विधिक शिकंजा: तत्कालीन एसई एवं पूर्व मुख्य अभियंता मुख्यालय पंकज चोपड़ा के विरुद्ध विधिक कार्रवाई के आदेश।
  • अग्रिम भुगतान की रिकवरी: फर्म को किए गए अनुचित अग्रिम भुगतान की संबंधित अधिकारियों व फर्म से वसूली की जाएगी।
  • प्रोजेक्ट पूरा करने का नया रोडमैप: बाल चिकित्सालय का शेष कार्य DCU पैटर्न पर कराया जाएगा; मुख्य अभियंता (पूर्व) अरविंद कुमार निर्मल को मौके पर कैंप करने का जिम्मा।

📊 प्रयागराज बाल चिकित्सालय प्रकरण: कार्रवाई का विवरण

घटक / पहलू आधिकारिक विवरण व कार्रवाई
परियोजना का नाम बाल चिकित्सालय निर्माण, स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय परिसर, प्रयागराज
दोषी निर्माण एजेंसी मेसर्स आरसीबी इन्फ्राकॉन्स प्राइवेट लिमिटेड (RCB Infracons Pvt. Ltd.)
वित्तीय जब्ती ₹55 लाख (सिक्योरिटी डिपॉजिट एवं परफॉर्मेंस गारंटी)
दंडात्मक अवधि 5 वर्ष के लिए सिडको के सभी कार्यों से ब्लैकलिस्ट
आगामी कार्य प्रणाली डीसीयू (DCU) पैटर्न पर समयबद्ध पूर्ण कराने के निर्देश

मुकदमों की जानकारी छिपाकर कराया था पंजीकरण, अनुबंध रद्द

यूपी सिडको द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस नोट के अनुसार, फर्म को जनहित और बाल स्वास्थ्य से जुड़े इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को तय समय-सीमा में पूरा करना था, लेकिन कार्य में निरंतर शिथिलता बरती गई। निगम ने पूर्व में 9 अप्रैल 2026 को ही फर्म का अनुबंध निरस्त कर दिया था।

इसके बाद हुई उच्चस्तरीय जांच में सामने आया कि फर्म ने पंजीकरण के समय अपने निदेशकों के विरुद्ध दर्ज आपराधिक मुकदमों की सूचना छिपाई थी। कूटरचित व भ्रामक तथ्यों के सहारे निविदा हासिल करने का दोष सिद्ध होने पर प्रबंध निदेशक ने फर्म को पांच वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट करने का कठोर निर्णय लिया।

“जनहित की स्वास्थ्य परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब और अनियमितता किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समयबद्धता और गुणवत्ता से समझौता करने वाली निर्माण एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने के साथ-साथ उनके साथ सांठगांठ करने वाले अभियंताओं की भी जवाबदेही तय की जा रही है।”
— संजीव सिंह (प्रबंध निदेशक, यूपी सिडको)

लापरवाह अभियंताओं पर गिरी गाज, होगी अग्रिम भुगतान की वसूली

निर्माण में शिथिलता बरतने और संदिग्ध फर्म को अनुचित लाभ पहुंचाने के आरोप में सिडको प्रबंधन ने कई तत्कालीन और सेवानिवृत्त अधिकारियों के विरुद्ध व्यापक कार्रवाई शुरू की है:

  • विभागीय कार्रवाई के दायरे में: तत्कालीन मुख्य अभियंता (पूर्व) केजी दुबे, तत्कालीन अधीक्षण अभियंता राजेश चौधरी, अधिशासी अभियंता मनीष कुमार श्रीवास्तव और सहायक अभियंता धर्म शंकर के विरुद्ध औपचारिक अनुशासनिक जांच संस्थित की गई है।
  • सेवानिवृत्त अधिकारी पर विधिक शिकंजा: तत्कालीन अधीक्षण अभियंता प्रयागराज एवं पूर्व मुख्य अभियंता मुख्यालय पंकज चोपड़ा के विरुद्ध विधिक प्रक्रिया के तहत मुकदमा चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
  • वित्तीय रिकवरी: फर्म को नियमों के विपरीत किए गए अग्रिम भुगतान की एक-एक पाई की वसूली जिम्मेदार अधिकारियों एवं फर्म से सुनिश्चित कराई जाएगी।
  • पंजीकरण कार्य से बेदखली: अनियमितताओं की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन मुख्य अभियंता केजी दुबे से फर्मों के पंजीकरण का प्रभार तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया गया है।

प्रदेशभर की फर्मों का होगा रजिस्ट्रेशन ऑडिट; प्रयागराज में कैंप करेंगे चीफ इंजीनियर

इस खुलासे के बाद यूपी सिडको ने प्रदेश स्तर पर कड़े नीतिगत बदलाव किए हैं। अब फर्जी, कूटरचित या मुकदमों की जानकारी छिपाकर पंजीकरण कराने वाली सभी संविदा फर्मों का व्यापक रजिस्ट्रेशन ऑडिट (Registration Audit) कराया जाएगा। गलत जानकारी देने वाली सभी फर्मों के लाइसेंस तत्काल निरस्त होंगे।

वहीं, प्रयागराज बाल चिकित्सालय के अधूरे कार्य को बिना किसी व्यवधान के शीघ्र पूरा कराने के लिए मुख्य अभियंता (पूर्व) अरविंद कुमार निर्मल को प्रयागराज में ही रहकर डीसीयू पैटर्न पर कार्य को तय समयसीमा में पूर्ण कराने का उत्तरदायित्व सौंपा गया है।

निष्कर्ष: यूपी सिडको की यह कार्रवाई प्रदेश की सरकारी निर्माण परियोजनाओं में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने की दिशा में नजीर है। दागी ठेकेदारों के साथ-साथ विभागीय अधिकारियों की नकेल कसने से राज्य भर में चल रही बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को तय समय में पूरा कराने में गति मिलेगी।

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