बाढ़ प्रभावित फैजुल्लागंज में LNHA का निःशुल्क चिकित्सा एवं राहत शिविर: 500 से अधिक लोगों का उपचार; निःशुल्क दवाएं और दैनिक राहत सामग्री वितरित
लखनऊ: राजधानी के बाढ़ और भीषण जलभराव से प्रभावित फैजुल्लागंज क्षेत्र में लखनऊ नर्सिंग होम ओनर्स एसोसिएशन (LNHA) की ओर से रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को एक दिवसीय निःशुल्क चिकित्सा एवं राहत शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 500 से अधिक जरूरतमंद मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परामर्श, चिकित्सीय जांच और आवश्यक दवाएं पूरी तरह निःशुल्क प्रदान की गईं। इसके साथ ही लगभग 50 से 60 मरीजों की आंखों की गहन जांच कर उन्हें आई ड्रॉप्स और देखभाल संबंधी सुझाव दिए गए।
📌 चिकित्सा एवं राहत शिविर के मुख्य बिंदु:
- 500 से अधिक लाभार्थियों का उपचार: जलभराव के कारण फैली त्वचा संबंधी बीमारियों, सर्दी-जुकाम, श्वसन संक्रमण, उल्टी और दस्त के मरीजों का परीक्षण।
- विशेष नेत्र जांच: शिविर में 50 से 60 मरीजों की आंखों की विस्तृत जांच कर निःशुल्क दवाएं दी गईं।
- दैनिक राहत सामग्री का वितरण: प्रभावित परिवारों को सुरक्षित पेयजल, मट्ठा, बिस्कुट, बाल्टियां, मग और स्वच्छता किट बांटी गई।
- जलजनित रोगों से बचाव की सलाह: चिकित्सकों ने क्लोरीन की गोलियों के उपयोग, पानी उबालकर पीने और व्यक्तिगत स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक किया।
- वरिष्ठ चिकित्सकों का नेतृत्व: शिविर का उद्घाटन LNHA अध्यक्ष डॉ. के.के. त्रिपाठी और मुख्य संरक्षक डॉ. अनुप अग्रवाल ने किया।
📊 राहत शिविर: एक नजर में
| घटक / पहलू | विवरण व आंकड़े |
|---|---|
| आयोजनकर्ता संस्था | लखनऊ नर्सिंग होम ओनर्स एसोसिएशन (LNHA) |
| स्थान | फैजुल्लागंज (बाढ़ व जलभराव प्रभावित क्षेत्र), लखनऊ |
| कुल उपचारित मरीज | 500 से अधिक (50-60 नेत्र रोगी शामिल) |
| वितरित राहत सामग्री | मुफ्त दवाएं, सुरक्षित पेयजल, मट्ठा, बिस्कुट, बाल्टी, मग व हाइजीन उत्पाद |
| प्रमुख चिकित्सक दल | डॉ. के.के. त्रिपाठी, डॉ. अनुप अग्रवाल, डॉ. आलोक माहेश्वरी, डॉ. अमिताभ रावत |
बाढ़ के बाद संक्रमण का खतरा: त्वचा व पेट के रोगों के पहुंचे सर्वाधिक मरीज
फैजुल्लागंज में गोमती नदी के जलस्तर में वृद्धि और हालिया बारिश के चलते कई बस्तियों में सीवर मिश्रित पानी भरने से संक्रमण का खतरा बढ़ गया था। शिविर में पहुंचे अधिकांश लोग गंदे पानी के संपर्क से होने वाले चर्म रोग (फंगल इन्फेक्शन, खुजली), मौसमी बुखार, खांसी, गले में संक्रमण और दूषित पानी से होने वाले उल्टी-दस्त से पीड़ित पाए गए।
चिकित्सकों की टीम ने सभी मरीजों को एंटीबायोटिक, ओआरएस (ORS), एंटी-एलर्जिक, दर्द निवारक और त्वचा के मलहम पूरी तरह निःशुल्क वितरित किए। साथ ही आंखों में जलन और संक्रमण से जूझ रहे करीब 60 मरीजों को एंटीबायोटिक आई ड्रॉप्स दिए गए।
चिकित्सा के साथ बांटी गई जरूरी राहत सामग्री
केवल इलाज तक सीमित न रहकर एसोसिएशन ने प्रभावित परिवारों की बुनियादी जरूरतों का भी ध्यान रखा:
- पोषण व पेयजल: प्रभावित बच्चों और बुजुर्गों के लिए शुद्ध पेयजल के पैकेट, मट्ठा और ऊर्जावर्धक बिस्कुट वितरित किए गए।
- दैनिक उपयोग की वस्तुएं: बाढ़ के पानी में घरेलू सामान बह जाने या खराब होने से जूझ रहे परिवारों को बाल्टियां, मग और सफाई के उत्पाद बांटे गए।
- जागरूकता सत्र: लोगों को समझाया गया कि वे गड्ढों और रुके हुए पानी के आसपास ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करें ताकि मच्छर जनित बीमारियों जैसे डेंगू और मलेरिया से बचा जा सके।
संकट में सेवा ही चिकित्सा जगत का मूल धर्म: डॉ. के.के. त्रिपाठी
शिविर के शुभारंभ पर एलएनएचए के अध्यक्ष डॉ. के.के. त्रिपाठी ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं या महामारी के दौर में समाज के वंचित वर्ग तक पहुंचना चिकित्सा बिरादरी का पहला दायित्व है। उन्होंने कहा कि फैजुल्लागंज के लोग जलभराव से गंभीर संकट झेल रहे हैं, ऐसे में संस्था लगातार उनके स्वास्थ्य और राहत के लिए काम करती रहेगी।
“आपदा की घड़ी में जरूरतमंदों की मदद करना हम सबकी सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी है। एलएनएचए स्वास्थ्य संस्थाओं के प्रशासनिक हितों के साथ-साथ जनस्वास्थ्य और समाज सेवा के कार्यों में सदैव अग्रिम पंक्ति में खड़ा रहेगा।”
— डॉ. आलोक माहेश्वरी (कार्यवाहक सचिव, LNHA)
शिविर को सफल बनाने में डॉ. अमिताभ रावत के साथ एसोसिएशन के कर्मी अनुपम चौरसिया, अमित, रमाकांत, विनोद गौतम सहित कई वालंटियर्स ने सक्रिय सहयोग दिया।


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