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अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी करे सरकार': मायावती ने उठाई मांग; बोलीं— संविदा व आउटसोर्सिंग कर्मियों को मिले न्याय

'अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी करे सरकार': मायावती ने उठाई मांग; बोलीं— 1 लाख नई भर्तियों के साथ NHM और संविदा कर्मियों को मिले नियमित नौकरी

📍 स्थान: लखनऊ (उत्तर प्रदेश) | 📅 दिनांक: 14 अक्टूबर 2026 | ⚖️ श्रेणी: राजनीतिक समाचार, कर्मचारी अधिकार, संविदा नियमितीकरण, बहुजन समाज पार्टी

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में वर्षों से अल्प मानदेय पर कार्यरत संविदा, आउटसोर्सिंग एवं अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने की पुरजोर मांग उठाई है। बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जारी अपने आधिकारिक बयान में बसपा प्रमुख ने कहा कि प्रदेश सरकार ने आगामी छह माह में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है, जो स्वागतयोग्य है; किंतु इसके साथ ही वर्षों से समर्पित सेवाएं दे रहे अस्थायी कर्मियों को स्थायी व्यवस्था में समायोजित करना अनिवार्य है।

📌 मायावती के बयान के मुख्य बिंदु:

  • अस्थायी कर्मचारियों का संविलियन: नई भर्तियों के साथ-साथ पहले से कार्यरत संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को स्थायी पद दिया जाए।
  • शोषणकारी व्यवस्था पर प्रहार: आउटसोर्सिंग और संविदा प्रणाली को कर्मचारियों का आर्थिक व मानसिक शोषण बताते हुए नियमित कैडर की बहाली की वकालत।
  • NHM कर्मियों का खुला समर्थन: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बने संविदा कर्मियों को स्वास्थ्य विभाग में सीधे नियमित करने की मांग।
  • ईको गार्डन धरने पर त्वरित निर्णय की अपील: लखनऊ के मान्यवर श्री कांशीराम जी ईको गार्डन में लंबे समय से आंदोलनरत स्वास्थ्य कर्मियों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आग्रह।
  • युवा व कर्मचारी हितैषी नीति: सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और कार्यकुशलता के लिए कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा और सम्मानजनक वेतन सुनिश्चित हो।

📊 बसपा सुप्रीमो की प्रमुख मांगें एवं राजनीतिक संदर्भ

मुद्दा / पहलू बसपा की स्थिति व आधिकारिक मांग
सरकारी नौकरी का लक्ष्य सरकार की आगामी 6 माह में 1 लाख भर्तियों की घोषणा का संदर्भ
मूल मांग वर्षों से कार्यरत अस्थायी व संविदा कर्मियों को प्राथमिकता से स्थायी नौकरी
स्वास्थ्य क्षेत्र (NHM) एनएचएम संविदाकर्मियों को सीधे स्वास्थ्य विभाग में नियमित किया जाए
आंदोलन स्थल मान्यवर श्री कांशीराम जी ईको गार्डन, वीआईपी रोड, लखनऊ
व्यवस्था पर रुख आउटसोर्सिंग व ठेका प्रथा को श्रमिक अधिकारों के विरुद्ध बताया

'आउटसोर्सिंग और संविदा शोषणकारी व्यवस्था': मायावती

पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने सरकारी तंत्र में आउटसोर्सिंग कंपनियों के बढ़ते दखल पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि सरकारी महकमों में रिक्त पदों पर सीधी और पक्की भर्ती करने के बजाय ठेकेदारी और आउटसोर्सिंग के जरिए काम कराना श्रम कानूनों और सामाजिक न्याय की भावना के विपरीत है।

“सरकारी तंत्र में आउटसोर्सिंग और संविदा जैसी शोषणकारी व्यवस्थाओं के खिलाफ बसपा निरंतर आवाज उठाती रही है। पार्टी की स्पष्ट मांग है कि नई नियमित भर्तियों के साथ-साथ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत कई वर्षों से निष्ठापूर्वक सेवाएं दे रहे संविदाकर्मियों को भी स्वास्थ्य विभाग में स्थायी सेवा में समाहित किया जाए।”
— मायावती (राष्ट्रीय अध्यक्ष, बहुजन समाज पार्टी)

ईको गार्डन में आंदोलनरत NHM कर्मियों को मिला राजनीतिक संबल

राजधानी लखनऊ के मान्यवर श्री कांशीराम जी ईको गार्डन में पिछले कई दिनों से उत्तर प्रदेश भर से आए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा कर्मचारी नियमितीकरण, वेतन विसंगति और सेवा सुरक्षा की मांगों को लेकर अनवरत धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।

  • स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और जिला चिकित्सालयों में टीकाकरण, प्रसव और आपातकालीन सेवाओं में इन कर्मियों की भूमिका अहम है।
  • भविष्य की अनिश्चितता: दशकों से अल्प मानदेय पर काम करने के बावजूद सामाजिक सुरक्षा और पेंशन का अभाव इन कर्मचारियों के जीवन को संकट में डाल रहा है।
  • सहानुभूतिपूर्वक निर्णय की मांग: बसपा प्रमुख ने सरकार से अपील की है कि आंदोलन को अनदेखा करने के बजाय लोकतांत्रिक संवाद स्थापित कर कर्मचारियों के हित में स्थायी समाधान निकाला जाए।
निष्कर्ष: आगामी चुनावी और प्रशासनिक परिदृश्य में कर्मचारियों और युवाओं से जुड़े मुद्दे केंद्र में हैं। मायावती का यह बयान जहां संविदा और एनएचएम कर्मियों के आंदोलन को नई धार देगा, वहीं सरकार पर स्थायी नियुक्तियों के साथ-साथ कार्यरत अस्थाई कर्मचारियों के समायोजन को लेकर नीतिगत फैसला लेने का दबाव भी बढ़ाएगा।
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