“'स्वस्थ प्रदेश-सक्षम प्रदेश' बना उत्तर प्रदेश”: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साझा की स्वास्थ्य क्रांति की तस्वीर; 85 हुए मेडिकल कॉलेज, MBBS सीटें 13,600 पार
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में आए युगांतरकारी परिवर्तनों का ब्योरा साझा किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य अब ‘उपचार की विवशता’ के दौर से बाहर निकलकर ‘स्वास्थ्य सुरक्षा के विश्वास’ के नए युग में प्रवेश कर चुका है। 2017 से पहले जहां उत्तर प्रदेश लचर स्वास्थ्य सेवाओं और माफिया तंत्र की पहचान से जूझ रहा था, वहीं आज ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज’ के विजन के साथ देश भर में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।
📌 स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े बदलाव के प्रमुख आंकड़े:
- मेडिकल कॉलेजों की संख्या में उछाल: वर्ष 2017 में प्रदेश में केवल 36 मेडिकल कॉलेज थे, जो अब बढ़कर 85 हो चुके हैं।
- MBBS सीटों का विस्तार: 2017 के 4,690 सीटों के मुकाबले अब एमबीबीएस की सीटें बढ़कर 13,600 से अधिक हो गई हैं।
- एक जिला-एक मेडिकल कॉलेज: हर जिले में उच्च स्तरीय तृतीयक स्वास्थ्य (टर्शियरी केयर) सेवाएं उपलब्ध कराने का संकल्प पूरा हो रहा है।
- 10 करोड़ से अधिक को सुरक्षा कवच: आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से 10 करोड़ से ज्यादा नागरिक गंभीर बीमारियों के मुफ्त इलाज से सुरक्षित हैं।
📊 उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य अधोसंरचना: 2017 बनाम 2026
| संकेतक / पैमाना | वर्ष 2017 से पहले | वर्तमान स्थिति (2026) |
|---|---|---|
| कुल मेडिकल कॉलेज | 36 | 85 (ढाई गुना से अधिक वृद्धि) |
| एमबीबीएस (MBBS) सीटें | 4,690 | 13,600 से अधिक |
| स्वास्थ्य नीति का मॉडल | सीमित और लचर ढांचा | वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज (ODMC) |
| आयुष्मान स्वास्थ्य बीमा कवरेज | नगण्य | 10 करोड़+ लाभार्थी आच्छादित |
'वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया' से 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज' तक का सफर
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य की डबल इंजन सरकार अंत्योदय के मूल मंत्र पर काम कर रही है।
“परिवर्तन का सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि जिस उत्तर प्रदेश की पहचान कभी 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया' से की जाती थी, वही प्रदेश आज 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज' के संकल्प के साथ स्वास्थ्य सेवाओं में नए मानक गढ़ रहा है। यह स्वस्थ, सक्षम और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के निर्माण की दिशा में निर्णायक कदम है।”
— योगी आदित्यनाथ (मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश)
युवाओं को चिकित्सा शिक्षा, आमजन को घर के पास इलाज
एमबीबीएस सीटों में हुई रिकॉर्ड बढ़ोतरी का सीधा लाभ प्रदेश के युवाओं को मिल रहा है। डॉक्टर बनने का सपना देख रहे मेधावियों को अब दूसरे राज्यों या विदेशों में नहीं जाना पड़ रहा है। साथ ही, इन मेडिकल कॉलेजों के खुलने से जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बड़े शहरों (लखनऊ, दिल्ली) के चक्कर लगाने से मुक्ति मिली है और उन्हें घर के निकट ही आधुनिक जांच और सुपर-स्पेशियलिटी इलाज सुलभ हो रहा है।
इलाज के भारी खर्च से मुक्त हुए 10 करोड़ प्रदेशवासी
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के जरिए प्रदेश के गरीबों, वंचितों और मध्यम वर्गीय परिवारों को प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया गया है। 10 करोड़ से अधिक नागरिक इस सुरक्षा कवच के दायरे में आ चुके हैं, जिससे किसी भी परिवार को बीमारी के इलाज के लिए कर्ज या संपत्ति बेचने की नौबत नहीं आ रही है।

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