योगी सरकार का बिजली व्यवस्था पर सख्त पहरा: गलत बिलिंग पर नपेंगे अधिकारी, डिस्कॉम प्रबंध निदेशक हर सप्ताह करेंगे 7 से 10 बिलों की रैंडम जांच
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में विद्युत वितरण तंत्र को जवाबदेह बनाने, लाइन हानियों पर लगाम कसने और उपभोक्ताओं को सही बिल उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रमुख सचिव (ऊर्जा) एवं उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के अध्यक्ष रणवीर प्रसाद ने वितरण निगमों (डिस्कॉम) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में दो टूक निर्देश जारी किए हैं। गलत बिलिंग पर अब केवल संशोधन नहीं होगा, बल्कि संबंधित कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी डिस्कॉम प्रबंध निदेशकों (MDs) को हर हफ्ते 7 से 10 बिलों की व्यक्तिगत तौर पर रैंडम जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
📌 समीक्षा बैठक के मुख्य बिंदु व निर्देश:
- बिलिंग की साप्ताहिक रैंडम जांच: प्रत्येक डिस्कॉम के एमडी हर सप्ताह 7 से 10 उपभोक्ताओं के बिजली बिलों का स्वतः ऑडिट करेंगे।
- लापरवाह कर्मियों पर एक्शन: बिल सुधार में अनावश्यक देरी और फर्जी बिलिंग मामलों में संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी।
- अधिक लाइन लॉस वाले फीडर रडार पर: ₹5 से कम थ्रू-रेट वाले फीडरों और सर्वाधिक लाइन हानि दर्ज करने वाले शीर्ष 10 पोषकों (Feeders) पर विशेष कार्रवाई।
- सहारनपुर और मुरादाबाद को फटकार: सहारनपुर में 1.71 रुपये के न्यून थ्रू-रेट और मुरादाबाद में धीमी राजस्व वसूली पर अध्यक्ष ने जताई कड़ी नाराजगी।
- ग्राम प्रधानों को भेजा जाएगा पत्र: ग्रामीण बकायेदारों से वसूली के लिए प्रधानों को सूचित किया जाएगा; गोला व नवाबगंज (गोंडा) के टॉप-10 बकायेदारों को नोटिस।
- ट्रांसफॉर्मर सुरक्षा उपाय: 100 केवीए से कम क्षमता वाले परिवर्तकों पर फ्यूज सेट लगाने का कार्य युद्धस्तर पर पूरा करने के निर्देश।
📊 UPPCL समीक्षा बैठक: मुख्य एजेंडा एवं निर्धारित लक्ष्य
| समीक्षा का आयाम | जारी निर्देश व सुधारात्मक रणनीति |
|---|---|
| उपभोक्ता बिलिंग सुधार | डिस्कॉम एमडी द्वारा 7-10 बिलों का साप्ताहिक रैंडम ऑडिट, त्वरित संशोधन |
| राजस्व संग्रह व थ्रू-रेट | ₹5 से कम थ्रू-रेट वाले फीडरों की विशेष निगरानी (सहारनपुर पर फोकस) |
| लाइन हानि नियंत्रण | सर्वाधिक हानि वाले टॉप 10 पोषकों में सघन चेकिंग और मीटरिंग अभियान |
| बकाया वसूली अभियान | ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम प्रधानों का सहयोग, शीर्ष बकायेदारों को कानूनी नोटिस |
| इन्फ्रास्ट्रक्चर सुरक्षा | 100 KVA से छोटे ट्रांसफॉर्मरों पर शत-प्रतिशत फ्यूज सेट की स्थापना |
गलत बिलों पर तत्काल रोक: अब एमडी स्तर पर होगी रैंडम चेकिंग
समीक्षा बैठक में अध्यक्ष रणवीर प्रसाद ने स्पष्ट कहा कि गलत बिजली बिल उपभोक्ताओं के मानसिक उत्पीड़न और विभाग के राजस्व नुकसान का सबसे बड़ा कारण बनते हैं। कई स्थानों पर बिल संशोधन के नाम पर अनियमितताओं और बिचौलियों की सक्रियता की शिकायतें भी सामने आती रही हैं।
“उपभोक्ताओं को शत-प्रतिशत सही, पारदर्शी और समयबद्ध बिल उपलब्ध कराना वितरण निगमों का प्राथमिक दायित्व है। बिलिंग से जुड़ी शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समय-सीमा में होना चाहिए। यदि जांच में किसी भी स्तर पर जानबूझकर गलत बिलिंग या लापरवाही पाई गई तो संबंधित मीटर रीडर, बिलिंग एजेंसी और विभागीय कार्मिक के विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्रवाई होगी।”
— रणवीर प्रसाद (प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं अध्यक्ष, UPPCL)
कम थ्रू-रेट वाले फीडरों पर शिकंजा, बड़े बकायेदारों की पहचान
वित्तीय वर्ष 2026-27 के राजस्व लक्ष्यों और केवाईपी (KYP - Know Your Power/Consumer) अभियान की समीक्षा करते हुए UPPCL अध्यक्ष ने बिजली चोरी और तकनीकी हानियों पर सख्त रुख अपनाया:
- न्यून थ्रू-रेट पर सख्ती: सहारनपुर क्षेत्र में थ्रू-रेट मात्र 1.71 रुपये प्रति यूनिट मिलने पर नाराजगी व्यक्त की गई। जिन फीडरों पर वसूली लागत से बेहद कम है, वहां लाइन लॉस रोकने के तत्काल निर्देश दिए गए।
- मुरादाबाद व मध्यांचल क्षेत्र: मुरादाबाद मंडल में राजस्व प्राप्ति कम होने पर अधिकारियों से फील्ड में उतरने को कहा गया। मध्यांचल के गोला (लखीमपुर) और नवाबगंज (गोंडा) में 10 बड़े बकायेदारों को चिह्नित कर आरसी (RC) जारी करने व कनेक्शन विच्छेदन की कार्यवाही के आदेश दिए गए।
- ग्रामीण राजस्व में प्रधानों की भागीदारी: गांवों में लंबे समय से लंबित बिलों की वसूली के लिए संबंधित ग्राम प्रधानों को औपचारिक पत्र भेजकर बकायेदारों को छूट योजनाओं और भुगतान के प्रति जागरूक किया जाएगा।
ट्रांसफॉर्मरों की सुरक्षा और बिजनेस प्लान कार्यों का समयबद्ध क्लोजर
बैठक में पावर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक नितीश कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने तकनीकी सुधारों पर प्रगति रिपोर्ट रखी। ट्रांसफॉर्मर जलने या क्षतिग्रस्त होने की घटनाओं को रोकने के लिए 100 केवीए से कम क्षमता वाले सभी परिवर्तकों पर मानक अनुरूप फ्यूज सेट लगाने का काम तुरंत पूरा करने को कहा गया है।
इसके अलावा, बिजनेस प्लान 2024-25, 2025-26 और 2026-27 के तहत स्वीकृत विकास कार्यों की माप-पुस्तिका (MB), ईआरपी (ERP) क्लोजर और ठेकेदारों के अंतिम भुगतान को बिना किसी अनावश्यक देरी के नियमानुसार निस्तारित करने के सख्त निर्देश दिए गए ताकि नए कार्यों की गति न रुके।


0 टिप्पणियाँ