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Ayodhya Deepotsav 2026: 56 घाटों पर जले 36 लाख से अधिक दीये, स्वदेशी ड्रोन शो और 3D लेजर मैपिंग ने मोहा मन; अवधपुरी में बना नया कीर्तिमान

दीपोत्सव-2026: ‘सरयू के कनक कछार’ पर उतरा त्रेता का उल्लास, 36 लाख से अधिक दीपों के उजाले में जगमगाई प्रभु श्रीराम की अवधपुरी

📍 स्थान: राम की पैड़ी, अयोध्या धाम (उत्तर प्रदेश) | 📅 दिनांक: 07 नवंबर 2026 | 🪔 श्रेणी: अयोध्या दीपोत्सव 2026, धार्मिक एवं सांस्कृतिक उत्सव, उत्तर प्रदेश पर्यटन

अयोध्या: मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या में शनिवार को कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी के पावन अवसर पर 10वें ऐतिहासिक दीपोत्सव-2026 ने आस्था और भव्यता का नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया। गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में रामनगरी के 56 घाटों पर एक साथ 36 लाख से अधिक दीपों के प्रज्वलित होते ही पूरी अवधपुरी त्रेतायुगीन आभा से जगमगा उठी। भारत के माननीय उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम की पैड़ी पर पहला दीप प्रज्वलित कर राष्ट्र की समृद्धि और कल्याण की मंगलकामना की।

📌 दीपोत्सव-2026: प्रमुख ऐतिहासिक बिंदु

  • 36 लाख+ दीपों का विश्व रिकॉर्ड: राम की पैड़ी सहित सरयू के 56 घाटों पर 35 हजार स्वयंसेवकों ने प्रज्वलित किए दीप।
  • पुष्पक विमान व हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा: रामकथा पार्क में प्रभु श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण जी के स्वरूपों पर हुई भव्य पुष्प वर्षा; सीएम योगी व मंत्रियों ने खींचा रथ।
  • प्रतीकात्मक राज्याभिषेक: उपराष्ट्रपति, राज्यपाल, मुख्यमंत्री और संतों ने भगवान श्री राम का तिलक कर उतारी भव्य आरती।
  • स्वदेशी ड्रोन शो व 3D प्रोजेक्शन: अयोध्या के गगनचुंबी आकाश में ड्रोन तकनीक से उकेरे गए रामायण के प्रसंग; लेजर शो से जीवंत हुई रामकथा।
  • वैश्विक एवं बहुसांस्कृतिक संगम: 21 झांकियों की शोभायात्रा के साथ देश-विदेश के 2500 से अधिक कलाकारों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां।

📊 दीपोत्सव 2026: मुख्य आयोजन एवं आंकड़े

प्रमुख घटक / आयाम आयोजन का विवरण एवं विशिष्टता
प्रज्वलित दीपों की संख्या 36 लाख से अधिक दीप (अनवरत 10वां वर्ष)
घाट एवं स्वयंसेवक सरयू के 56 घाट; अवध विवि व कॉलेजों के 35,000+ वालंटियर्स
विशिष्ट अतिथि गण उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, सीएम योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक
कलाकार एवं झांकियां 21 भव्य झांकियां, भारत व अन्य देशों के 2500+ लोक कलाकार
तकनीकी आकर्षण स्वदेशी ड्रोन शो, 3D होलोग्राफिक प्रोजेक्शन मैपिंग व साउंड-लेजर शो

पुष्पक विमान से उतरे प्रभु श्रीराम, मुख्यमंत्री ने खींचा पावन रथ

दीपोत्सव की शुरुआत त्रेतायुग की स्मृतियों को जीवंत करते हुए हुई। जब रामकथा पार्क में प्रतीकात्मक पुष्पक विमान (हेलीकॉप्टर) से भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी के स्वरूप अवतरित हुए, तो आसमान से पंखुड़ियों की बारिश की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और उपस्थित मंत्रिमंडल के सहयोगियों ने प्रभु के रथ को स्वयं खींचकर मंच तक पहुंचाया।

“उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का प्रतीकात्मक राजतिलक किया, उन्हें तिलक लगाकर वस्त्र व उपहार भेंट किए और महाआरती उतारी।”

स्वदेशी ड्रोन शो और 3D लेजर मैपिंग ने बांधा समां

शाम ढलते ही राम की पैड़ी पर स्थापित मुख्य मंच के सामने उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा निर्मित 3D होलोग्राफिक प्रोजेक्शन मैपिंग शो प्रारंभ हुआ। लेजर किरणों और संगीत के सम्मोहन के बीच रामायण के विभिन्न प्रसंगों को घाटों और जलधारा पर जीवंत किया गया।

  • आकाश में श्रीराम की आकृति: सैकड़ों स्वदेशी ड्रोन्स ने अयोध्या के आसमान में एक साथ उड़ान भरकर प्रभु श्रीराम, धनुष-बाण और राम दरबार की अलौकिक आकृतियां उकेरीं।
  • भव्य आतिशबाजी: राम के शुभागमन की खुशी में सरयू पुल और घाटों से की गई इको-फ्रेंडली ग्रीन आतिशबाजी ने पूरे परिवेश को रोशनी से सराबोर कर दिया।
  • महाआरती का दर्शन: उपराष्ट्रपति और मुख्यमंत्री ने सरयू मैया की 1100 अर्चकों संग महाआरती कर लोककल्याण की कामना की।

'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' का साक्षात प्रमाण बनी अवधपुरी: सीएम योगी

वर्ष 2017 में प्रारंभ हुई दीपोत्सव की परंपरा आज अपने 10वें गौरवशाली वर्ष में प्रवेश कर चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि 22 जनवरी 2024 को भव्य मंदिर में रामलला के विराजमान होने के बाद अयोध्या का यह उत्सव वैश्विक क्षितिज पर भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक बन गया है।

समारोह में देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ इंडोनेशिया, थाईलैंड, कंबोडिया और नेपाल जैसे देशों से आए अंतरराष्ट्रीय कलाकारों ने रामलीला की प्रस्तुतियां देकर यह दर्शाया कि रामकथा सीमाओं से परे संपूर्ण मानवता को जोड़ने वाला विचार है।

निष्कर्ष: 36 लाख दीपों की जगमगाहट, संतों का सान्निध्य और आधुनिक तकनीक का यह अद्वितीय संगम दीपोत्सव-2026 को इतिहास के पन्नों में अमर कर गया। अयोध्या ने एक बार फिर संपूर्ण विश्व को प्रेम, मर्यादा और सनातन संस्कृति के आलोक से प्रकाशित किया है।

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