Pages

‘‘होप-ए ग्लोबल पाजिटिविटी कैम्पेन’’ से लोगों में जगा रहे हैं सकारात्मक्ता की अलख

सर्वसम्प्रदाय की 16 प्रार्थनाओं की श्रृंखला से 32 मिलियन से अधिक लोगों को सकारात्मक्त बनाया

30 विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर विविध भाषाओं में प्रसारित कर पूरी दुनिया को एक मंच पर जोड़ा

लख़नऊ। वैश्विक महामारी के दूसरे प्राणघातक लहर के नकारात्मक माहौल के बीच विश्व की आध्यात्मिक राजधानी काशी से रजत सिनर्जी फाउंडेशन की सकारात्मक सोशल मीडिया मुहिम “होप - ए ग्लोबल पाजिटिविटी कैम्पेन" चलाई जा रही है। इस दौरान सर्वसम्प्रदाय की 16 प्रार्थनाओं की श्रृंखला को अपने 30 विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अलग अलग भाषाओं में प्रसारित कर पूरी दुनिया के 32 मिलियन से अधिक लोगों में प्रार्थना से सकारात्मकता की अलख जगाई।

अब जब संक्रमण अपने चरम पर है और लोग निराशा के भॅवर में फंसकर कमजोर होने लगे है, ऐसे में जरूरत है सकारात्मक्ता की। संस्था की अध्यक्ष भारती पाठक के संयोजन में रजत सिनर्जी फाउंडेशन अपने सामाजिक सरोकार का पालन करते हुए अपने अनूठे और सोशल मीडिया का सफल प्रयोग कर धर्म, सम्प्रदाय, देश की सीमाओं से परे ‘‘सर्वे भवन्तु सुखिना, सर्वे सन्तु निरामया’’ के मंत्र आत्मसात कर ‘‘होप’’ आध्यात्मिक कैम्पेन के माध्यम से लोगों के मन से निराशा को दूर कर रहा है। 

फाउंडेशन के सचिव रजत मोहन पाठक ने बताया कि विगत 16 दिनों में सभी धर्मों एवं कई सम्प्रदायों के आध्यात्मिक प्रार्थना विडियों प्रसारित किया गया। जिसका लाभ भारत ही नही दुनिया के तमाम देशों में रहने वाले लोगों ने सकारात्मक्ता के साथ प्राप्त किया। रजत सिनर्जी फाउंडेशन ने वर्ष 2020 में लाक डाउन के दौरान भी पहली बार सोसल मीडिया का सफल प्रयोग करते हुए अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन किया।

‘‘स्टे होम, स्टे सेफ’’ कैम्पेन के द्वारा प्रतिदिन हिन्दी, अंग्रेजी, पंजाबी, मैथली, मारवाड़ी, सिन्धी, मलयालम, कन्नड़, गुजराती, तेलगू, बंगाली सहित लगभग 20 भाषों में विशिष्ट जनों के 100 से अधिक संदेश प्रसारित कर लोगों को घरों में रहकर सुरक्षित रहने के लिए निरन्तर प्रेरित किया था। इस मुहिम से भी भारत सहित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 120 मीलियन से अधिक लोग लाभान्वित हुए थे। साथ ही नियमित रूप से प्रति दिन 10 घरों का सेनेटाइजेशन भी पूरे लाकडाउन के दौरान फाउंडेशन द्वारा कराया गया। जिसका लाभ 450 परिवारों को मिला।

Post a Comment

0 Comments