google.com, pub-1705301601279513, DIRECT, f08c47fec0942fa0/> संविदा स्वास्थ्य कर्मियों में वेतन न मिलने से आक्रोश, संघ ने सरकार से की मांग

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संविदा स्वास्थ्य कर्मियों में वेतन न मिलने से आक्रोश, संघ ने सरकार से की मांग

लखनऊ। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), उत्तर प्रदेश के अंतर्गत कार्यरत अल्प वेतन भोगी संविदा स्वास्थ्य कर्मियों को विगत दिसम्बर 2025 से वेतन का भुगतान नहीं हो रहा है। लिहाजा प्रदेश भर में गंभीर आर्थिक, मानसिक एवं सामाजिक संकट उत्पन्न हो गया है। संविदा कर्मी मासिक वेतन पर निर्भर रहकर जीवन यापन करते हैं। 



हाल ही में महराजगंज से सामने आई घटना ने संपूर्ण स्वास्थ्य तंत्र को झकझोर कर रख दिया है, जहाँ एक कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) ने को वेतन न मिलने की निराशा और मानसिक दबाव के चलते आत्महत्या का प्रयास किया। हालांकि समय रहते उसके साथियों द्वारा उसकी जान बचा ली गई। इस घटना से लगभग एक लाख संविदा स्वास्थ्य कर्मी पीड़ा, असुरक्षा और मानसिक दबाव में हैं।

संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ, उत्तर प्रदेश ने इस घटना पर संवेदना व्यक्त की है, तथा वेतन भुगतान में हो रहे निरंतर विलम्ब एवं संविदा कर्मियों के प्रति अपनाई जा रही अस्थायी व्यवस्था की कड़े शब्दों में निंदा की है। प्रदेश महामंत्री योगेश कुमार उपाध्याय ने डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखते हुए कहा है कि स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विभाग में कार्यरत कर्मियों की इस प्रकार की उपेक्षा न केवल अमानवीय है, बल्कि इससे प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं एवं सरकार की सामाजिक छवि भी प्रभावित हो रही है।

संगठन ने इस गंभीर विषय को लेकर उपमुख्यमंत्री, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को पत्र प्रेषित किया है तथा मुख्यमंत्री को भी प्रतिलिपि भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ठोस कार्यवाही नहीं की गई, तो संगठन प्रदेश स्तर पर आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए बाध्य होगा।

संगठन की प्रमुख मांगें 

1. NHM संविदा कर्मियों का लंबित वेतन अविलम्ब जारी किया जाए।

2. भविष्य में वेतन भुगतान के लिए स्थायी एवं समयबद्ध व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

3. संविदा कर्मियों की अस्थायी व्यवस्था समाप्त कर स्थायी नीति बनाई जाए, जिससे इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।





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